@shayari मेरी आँखों को,’जलज’ मत कहिये, इश्क़ ,फिर इंतेखाव लगता है! कहता है, ज

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@shayari
मेरी आँखों को,’जलज’ मत कहिये,
इश्क़ ,फिर इंतेखाव लगता है!

कहता है, ज़ेहन कि, सियासत से,
आपका भी, लगाव, लगता है !

इसमें कांटे हैं,फिर भी हमको तो,
सबसे अच्छा, ग़ुलाब लगता है!
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Source by s. rajesh

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