@OfficeOfBazm चले थे संग – संग, उमंग भर के दिल में उल्फ़त के… रंग भर के ‘दीप’

[ad_1]

@OfficeOfBazm चले थे संग – संग, उमंग भर के
दिल में उल्फ़त के… रंग भर के

‘दीप’ लगी जब सच्चाई की धूप
मुहब्बत मिट गई, बिखर कर के
#दीप ✍️

#बज़्म #अक्षरमाला #शायरी #alfazmere #Shayari
[ad_2]

Source by अनिल त्रिपाठी #दीप ✍️

Leave a Reply