…….. शहर बाकी..बात बाकी.. अभी मेरे “क़िरदार” की “आख़िरी” रात बाकी.. “अब न त

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शहर बाकी..बात बाकी..
अभी मेरे “क़िरदार” की “आख़िरी” रात बाकी..
“अब न तू बाकी”..”न तेरी याद बाकी”
अभी “तेरे हिस्से” की सीने में “चलती सांस” बाकी..

#बज़्म
#Raghav_Shayari
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Source by _____राघव♀♀(आग़री)

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