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रोज़ाना-सुलग-सुलग-कर-हम-थोड़ा-थोड़ा-मर-रहे-हैं

रोज़ाना सुलग सुलग कर हम, थोड़ा थोड़ा मर रहे हैं, दूजो की ख़बर रखते रखते, खुद से

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रोज़ाना सुलग सुलग कर हम, थोड़ा थोड़ा मर रहे हैं, दूजो की ख़बर रखते रखते, खुद से बेख़बर हो रहे हैं।

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Source by Vishu Mathana

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