मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले तो तू साहेब मेरा महबूब-ए-इलाही, हमरी चदरिया

[ad_1]

मोहे अपने ही रंग में रंग दे रंगीले
तो तू साहेब मेरा महबूब-ए-इलाही,
हमरी चदरिया पिया की पगरिया दोनों बसंती रंग दे
तो तू साहेब मेरा महबूब-ए-इलाही,
जो तू माँगे रंग की रंगाई मेरा जोबन गिरवी रख ले
तो तू साहेब मेरा महबूब-ए-इलाही!
-अमीर ख़ुसरौ
#Shayari
#Shayariquotes
#शायरी
[ad_2]

Source by Qalandar