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मैं वो शोला जो शब भर आंख के पानी में र
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मैं वो टूटा हुआ तारा जिसे महफ़िल न रास आई मैं वो शोला जो शब भर आंख के पानी में र

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मैं वो टूटा हुआ तारा जिसे महफ़िल न रास आई
मैं वो शोला जो शब भर आंख के पानी में रहता है
– सिद्दीक़ मुजीबी

#Taara #Shayari
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Source by Amar Ujala Kavya

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