मिलते जुलते है यहाँ लोग ज़रूरत के लिए , हम तेरे शहर में आए है मोहब्बत के लिए …

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मिलते जुलते है यहाँ लोग ज़रूरत के लिए , हम तेरे शहर में आए है मोहब्बत के लिए …… वो भी आख़िर तारीफ़ में खर्च हुआ, मैंने जो वक्त निकाला था शिकायत के लिए ….. #SaturdayThoughts #poetry #shayari
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Source by Alok Tiwari

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