तुम कुछ भी लिख सकते हो अखबार तुम्हारा है, कानून भी तुम्हारा है और दरबार भी तुम्

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तुम कुछ भी लिख सकते हो अखबार तुम्हारा है,
कानून भी तुम्हारा है और दरबार भी तुम्हारा है,
सूरज की तपन तुमसे बर्दास्त नही होगी,
एक मोम के पुतले सा किरदार तुम्हारा है…
#Kisan_Da_Haq_Ethe_Rakh #FarmersProtest #Shayari #बज्म #शायरांश
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Source by Baaghi®️

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