तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है, तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है, खूबसूर

[ad_1]

तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है,
तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है,
खूबसूरती की इंतेहा है तू…
तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है।
[ad_2]

Source by ⟆հαψαʀι Ηυβ

Leave a Reply