ढूँढने से भी नहीं मिलते अब वो बचपन के पल। जाने क्या लेकर आयेगा, ये आनेवाला कल। छ

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ढूँढने से भी नहीं मिलते अब
वो बचपन के पल।
जाने क्या लेकर आयेगा,
ये आनेवाला कल।
छोड़ दे चिंता इन दोनों की।
जिंदगी बहूत हसीन है,
तू बस आगे चल,तू बस आगे चल।
– Shriganesh Dongare

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Source by Shriganesh Dongare

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