ज़ाहिदा ज़ोहद तू पढ़ा, मैं इश्क़.., है मिरी और तिरी किताब में फ़र्क़… — जुरअ

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ज़ाहिदा ज़ोहद तू पढ़ा, मैं इश्क़..,
है मिरी और तिरी किताब में फ़र्क़…

— जुरअत क़लंदर बख़्श..!

#JuratQalandarBakheh
#Shayari
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Source by Harshal Jadhav

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