कोई मंज़िल नहीं मिलती तो ठहर जाते हैं, अश्क आँखों में मुसाफ़िर की तरह आते हैं…

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कोई मंज़िल नहीं मिलती तो ठहर जाते हैं,
अश्क आँखों में मुसाफ़िर की तरह आते हैं…

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