किसको दें आवाजें किसे बुलाएं हम, बेहतर होगा आगे बढ़ते जाएं हम। कुली नहीं है इस स

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किसको दें आवाजें किसे बुलाएं हम,
बेहतर होगा आगे बढ़ते जाएं हम।
कुली नहीं है इस स्टेशन पर कोई,
खुद ही अपने गम का बोझ उठाएं हम।

भव्य
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Source by Dr. Bhavya Soni

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