काँटों से गुजर जाता हूँ दामन को बचा कर, फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ ।

[ad_1]

काँटों से गुजर जाता हूँ दामन को बचा कर,
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ ।

@arrahman944_

#Shayariquotes #poetry #Shayari
[ad_2]

Source by 🅰🆁 🆁🅰🅷🅼🅰🅽

Leave a Reply