कभी – कभी मैं सोचता हूँ कि ज़िंदगी भी कितनी अज़ीब है, कल था हमारे पास वो और आज

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कभी – कभी मैं सोचता हूँ कि ज़िंदगी भी कितनी अज़ीब है,
कल था हमारे पास वो और आज किसी और के क़रीब है ।
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Source by Shainey (शाइनी) S.

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