You are currently viewing औरत की कमी तब भी अखरती है
जब घर में देर से आने पर
रोटियां ठंडी हो जाती है
सब्जिय
-की-कमी-तब-भी-अखरती-है-जब-घर-में

औरत की कमी तब भी अखरती है जब घर में देर से आने पर रोटियां ठंडी हो जाती है सब्जिय

औरत की कमी तब भी अखरती है
जब घर में देर से आने पर
रोटियां ठंडी हो जाती है
सब्जियों में पसंद का जायका नहीं रहता
और यह कहते नहीं बनता
कि “मुझे ये पसंद नहीं “…
-अज्ञात

https://t.co/ZFbD1Mww6E

@kavishala #Poetry #Hindi #Shayari #Women #WomenPower #wednesdaythought
औरत की कमी तब भी अखरती है
जब घर में देर से आने पर
रोटियां ठंडी हो जाती है
सब्जिय

औरत की कमी तब भी अखरती है
जब घर में देर से आने पर
रोटियां ठंडी हो जाती है
सब्जियों में पसंद का जायका नहीं रहता
और यह कहते नहीं बनता
कि “मुझे ये पसंद नहीं “…
-अज्ञात

https://t.co/ZFbD1Mww6E

@kavishala #Poetry #Hindi #Shayari #Women #WomenPower #wednesdaythought
#औरत #क #कम #तब #भ #अखरत #हजब #घर #म #दर #स #आन #पररटय #ठड #ह #जत #हसबजय

Twitter shayarish by Ananya Mishra

Leave a Reply