इक बार करे और कई बार जताये, कमज़र्फ़ के एहसान से अल्लाह बचाये #Pt_Vidyaratan_A

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इक बार करे और कई बार जताये,

कमज़र्फ़ के एहसान से अल्लाह बचाये

#Pt_Vidyaratan_Aasi #Shair #Shayari #UrduPoetry [email protected]
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Source by Dr. Sanjay Arora PhD