बंजारानामा-सूफ़ियाना कलाम -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi

बंजारानामा-सूफ़ियाना कलाम -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi टुक हिर्सो-हवा को छोड़ मियां, मत देस-बिदेस फिरे मारा क़ज़्ज़ाक अजल का लूटे है दिन-रात बजाकर नक़्क़ारा क्या बधिया, भैंसा, बैल, शुतुर क्या गौनें पल्ला सर भारा क्या गेहूं, चावल, मोठ, मटर, क्या आग, धुआं और अंगारा सब ठाठ पड़ा रह जावेगा …

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बंजारानामा-शायरी(कविता) नज़्में -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi 

बंजारानामा-शायरी(कविता) नज़्में -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi टुक हिर्सो-हवा को छोड़ मियां, मत देस-बिदेस फिरे मारा क़ज़्ज़ाक अजल का लूटे है दिन-रात बजाकर नक़्क़ारा क्या बधिया, भैंसा, बैल, शुतुर क्या गौनें पल्ला सर भारा क्या गेहूं, चावल, मोठ, मटर, क्या आग, धुआं और अंगारा सब ठाठ पड़ा रह जावेगा …

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