गाँव की सड़क-खुली आँखें खुले डैने -केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

गाँव की सड़क-खुली आँखें खुले डैने -केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal   गाँव की सड़क शहर को जाती है, शहर छोड़कर जब गाँव वापस आती है तब भी गाँव रहता है वही गाँव, काँव-काँव करते कौओं का गाँव। रचनाकाल: १०-०१-१९८०