मुफ़्लिसी-सूफ़ियाना कलाम -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi

मुफ़्लिसी-सूफ़ियाना कलाम -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi जब आदमी के हाल पे आती है मुफ़्लिसी। किस तरह से उसको सताती है मुफ़्लिसी॥ प्यासा तमाम रोज़ बिठाती है मुफ़्लिसी। भूका तमाम रात सुलाती है मुफ़्लिसी॥ यह दुख वह जाने जिस पे कि आती है मुफ़्लिसी॥1॥ कहिये तो अब हकीम की …

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मुफ़्लिसी-शायरी(कविता) नज़्में -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi 

मुफ़्लिसी-शायरी(कविता) नज़्में -नज़ीर अकबराबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nazeer Akbarabadi जब आदमी के हाल पे आती है मुफ़्लिसी किस किस तरह से इस को सताती है मुफ़्लिसी प्यासा तमाम रोज़ बिड़ाती है मुफ़्लिसी भूका तमाम रात सुलाती है मुफ़्लिसी ये दुख वो जाने जिस पे कि आती है मुफ़्लिसी कहिए तो अब …

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