अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,  नजर से नजर को मिला गया कोई-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, भोजपुरी निरगुण गीत – एक दिन त टुटबे करीहैं-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, भोजपुरी निरगुण गीत – पियवा कवने नगरिया-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता …

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 नजर से नजर को मिला गया कोई-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

 नजर से नजर को मिला गया कोई-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, नजर से नजर को मिला गया कोई चुपके से दिल को चुरा गया कोई आँख मिली थी पल भर को उससे जिन्दगीं भर को जगा गया कोई बातों को उसकी मैं अब तलक सोचूँ बातों में अपनी उलझा गया …

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भोजपुरी निरगुण गीत – एक दिन त टुटबे करीहैं-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

भोजपुरी निरगुण गीत – एक दिन त टुटबे करीहैं-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, भोजपुरी निरगुण गीत – एक दिन त टुटबे करीहैं एक दिन त टुटबे करीहैं, सांसा के रेला चार दिन में छुट जाई, जग भर के मेला हाये जग भर के मेला हो रामा . . जितते दिन …

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भोजपुरी निरगुण गीत – पियवा कवने नगरिया-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

भोजपुरी निरगुण गीत – पियवा कवने नगरिया-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, पियवा कवने नगरिया तू गईलस कि हमके तू भूलईलस, फेर कबहूं न अईलस हाये कबहूं न अईलस . . हो रामा . . दिलवा, जिगड़वा सब तोहीके देली तोरा जान बनईलीस, दिलवा में बसईलीस कि हमके तू भूलईलस, फेर …

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गीत – तुम-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

गीत – तुम-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, दिन के उजालों में भी हो तुम, तुम्हीं हो रातों में खाबों खयालों में से लेकर, तुम्हीं हो बातों में जिक्र तेरा न हो जिस में न करता वैसी बातें तेरे सपने जो ना आते तो न कटती ऐसी रातें हर पल, हर …

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अपने ही पीछे सारी दुनिया भागे किस लिए-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

अपने ही पीछे सारी दुनिया भागे किस लिए-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, अपने ही पीछे सारी दुनिया भागे किस लिए ? हमने तुमसे प्यार के नाते जोड़े इस लिए । पहले तो जब, हम न मिले थे, जग से था नाता हमारा, जब से प्यार, हुआ है तुमसे, छुटा सब …

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प्यार से जो जिये, प्यार के ही लिये (ग़ज़ल)-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

प्यार से जो जिये, प्यार के ही लिये (ग़ज़ल)-अमित सिंह-Amit Singh-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita, प्यार से जो जिये, प्यार के ही लिये भूल कर के कभी न उसे छोड़िये छोड़ना हो यदि तो दुनिया छोड़िये पर कभी न किसी का दिल तोड़िये दर्द बढ़ जाएगा, दिल भी जल जाएगा मुझसे न …

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