आँखों में आँसू थे, थी झोली ख़ाली, aankhe shayari

आँखों में आँसू थे, थी झोली ख़ाली, aankhe shayari

मायूस सायल ने जब घर की राह ली
आँखों में आँसू थे, थी झोली ख़ाली
इतने में रहमत झुंझलाके बोली
मायूस जाता है क्यूँ हाथ ख़ाली
सायल इधर आ, फिर माँग, फिर माँग