नया साल मुबारक

नई उमंग, नई ज़िन्दगी मुबारक हो
कि साल -ए- नौ की तुम्हे हर ख़ुशी मुबारक हो
नई बहार नये गुलसितां नई ख़ुशबू
नये शगोफ़े खिले ताज़गी मुबारक हो
मिलाओ हाथ करो वादा मिलके रहने का
मिलन के गीत, नई रागनी मुबारक हो
धुंदलके माज़ी के काफ़ूर हो रहे हैं अब
नये चराग़, नई रौशनी मुबारक हो
दुआ है ‘रेख़्ता’ ये साल -ए- नौ के नग़मे के साथ
नई बहार, नई ज़िन्दगी मुबारक हो
रेख़्ता पटौलवी

साल -ए- नौ – नया साल
शगोफे – कली
धुंदलके – धुंध
माज़ी – बीता हुआ वक़्त
काफूर – उड़ना

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