Khuda Shayari – खुदा शायरी

Khuda Shayari – खुदा शायरी

कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं
नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है
~बेदम शाह वारसी

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