न फि़क्र किसी अंजाम की न परवाह …

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न फि़क्र किसी अंजाम की न परवाह सोच-ए-जमाने की यूं ही बर-सर-ए-आम अपने होंठ चख लेते हैं हम…… © #रचीwords

न फि़क्र किसी अंजाम की न परवाह …
न फि़क्र किसी अंजाम की न परवाह सोच-ए-जमाने की यूं ही बर-सर-ए-आम अपने होंठ चख लेते हैं हम…… © #रचीwords

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