नहीं पुलिस का पीछा छूटा- अटल बिहारी वाजपेयी

घर पहुंचे हम बाद में,
पहले पुलिस तैयार;
रोम-रोम गद्गद हुआ,
लखि सवागत-सत्कार;
लखि स्वागत-सत्कार,
पराये अपने घर में;
कुत्ते का भी नाम
लिख लिया रजिस्टर में;
कह कैदी कविराय,
शास्त्री कसें लंगोटा;
जनसंघ छूटा, नहीं पुलिस
का पीछा छूटा।

कैदी कविराय की कुण्डलियाँ अटल बिहारी वाजपेयी |Kaidi Kavirai Ki Kundliyan Atal Bihari Vajpeyi

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