shayari khuda or mohabbat मुनव्वर_राना

shayari khuda or mohabbat मुनव्वर_राना

क़फ़स में मौसमों का कोई अंदाज़ा नहीं होता
ख़ुदा जाने बहार आई चमन में या ख़िज़ाँ आई
~मुनव्वर_राना ~qafas ~Shair