@Paakhisharma14 मैं गीली मिट्टी सा था जैसा चाहे ढाल लेती मेरे सुख जाने तक हाथ पक…

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@Paakhisharma14 मैं गीली मिट्टी सा था
जैसा चाहे ढाल लेती
मेरे सुख जाने तक
हाथ पकड़ती संभाल लेती ।।
#बज़्म
#हिंदी_शब्द
#शायरांश
#शायरी
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Source by Shukla ji ( self written poems nd 2 liners)

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