Kaafil azar ki एक नज़्म का मुखड़ा है “बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी लोग बेवजह…

Kaafil azar ki
एक नज़्म का मुखड़ा है “बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी लोग बेवजह उदासी का सबब पूछेंगे।
तो उसी पर इक शेर कुछ यूं ही बन पड़ा
“बात निकलेगी तो कहां दूर तक जाएगी।
मिर्च मसाला लग के तेरे कान में आएगी।”
#बज़्म
#हिंदी_शब्द
#शायरी
#शायरांश
@Gazal_hu
@SaritaOm3
@Maha
Kaafil azar ki
एक नज़्म का मुखड़ा है “बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी लोग बेवजह…

Kaafil azar ki
एक नज़्म का मुखड़ा है “बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी लोग बेवजह उदासी का सबब पूछेंगे।
तो उसी पर इक शेर कुछ यूं ही बन पड़ा
“बात निकलेगी तो कहां दूर तक जाएगी।
मिर्च मसाला लग के तेरे कान में आएगी।”
#बज़्म
#हिंदी_शब्द
#शायरी
#शायरांश
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#Kaafil #azar #kiएक #नजम #क #मखड #ह #बत #नकलग #त #फर #दर #तलक #जएग #लग #बवजह

Twitter shayarish by sarita (poetess)