#DidYouKnow @AzmiKaifi ने अपनी ज़िंदगी इंसान दोस्ती और ग़रीबों के हुक़ूक़ के लिए…

#DidYouKnow
@AzmiKaifi ने अपनी ज़िंदगी इंसान दोस्ती और ग़रीबों के हुक़ूक़ के लिए वक़्फ़ कर दी थी, उनकी सारी शायरी भी इसी की तर्जुमान है। ज़िंदगी के आख़िरी दौर में जब उन पर फ़ालिज का हमला हो चुका था तब भी उनका ये जज़्बा आज़मगढ़ में अपने आबाई गाँव मिजवाँ की तरक़्क़ी का बाइस बना।
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@AzmiKaifi ने अपनी ज़िंदगी इंसान दोस्ती और ग़रीबों के हुक़ूक़ के लिए…

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@AzmiKaifi ने अपनी ज़िंदगी इंसान दोस्ती और ग़रीबों के हुक़ूक़ के लिए वक़्फ़ कर दी थी, उनकी सारी शायरी भी इसी की तर्जुमान है। ज़िंदगी के आख़िरी दौर में जब उन पर फ़ालिज का हमला हो चुका था तब भी उनका ये जज़्बा आज़मगढ़ में अपने आबाई गाँव मिजवाँ की तरक़्क़ी का बाइस बना।
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