साँसे अपनी रोक कर तुम्हे छूना और छू कर ख़ुश हो जाना इसी को . . कब्बड्डी कहते है…

साँसे अपनी रोक कर तुम्हे छूना
और छू कर ख़ुश हो जाना
इसी को😍😘
.
.
कब्बड्डी कहते है😌

कभी कभी खेल भी लिया करो
मोहब्बत के मरीज़ो हर समय
शायरी की दुकान लगाये रहते हो
😬🙄😝🤣🤣
साँसे अपनी रोक कर तुम्हे छूना
और छू कर ख़ुश हो जाना
इसी को
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कब्बड्डी कहते है…

साँसे अपनी रोक कर तुम्हे छूना
और छू कर ख़ुश हो जाना
इसी को😍😘
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कब्बड्डी कहते है😌

कभी कभी खेल भी लिया करो
मोहब्बत के मरीज़ो हर समय
शायरी की दुकान लगाये रहते हो
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#सस #अपन #रक #कर #तमह #छन #और #छ #कर #खश #ह #जनइस #ककबबडड #कहत #ह

Twitter shayarish by हड़मानराम (बालाजी) बिश्नोई

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