शर्मिंदा हूँ मैं उन फूलो से, जो मेरे हाथों में ही सूख गये, तेरा #इंतजार करते कर…

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शर्मिंदा हूँ मैं उन फूलो
से,

जो मेरे हाथों में ही सूख गये,
तेरा #इंतजार करते करते।

#अल्फाज 💝
#बज़्म
#हिंदी_शब्द
#शायरी #शायरांश
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Source by मेरे अल्फ़ाज़

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