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तकिए से लिपट कर ख्वाबों में खो जाना ,
वो तेरा…
वो-तेरा-जरा-सा-डाटने-पर-रो-जाना-तकिए

वो तेरा जरा सा डाटने पर रो जाना , तकिए से लिपट कर ख्वाबों में खो जाना , वो तेरा…

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वो तेरा जरा सा डाटने पर रो जाना ,
तकिए से लिपट कर ख्वाबों में खो जाना ,
वो तेरा मुझे जगा के खुद सो जाना ,
तेरे केसुओ के छाव में मेरे दिन का रात हो जाना
याद आता है….✍️✍️
~कवि रवि
#brahmashmi20
#बज़्म #शायरी #हिंदी_शब्द https://t.co/gjWoiAL0N2
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Source by कवि रवि रंजन ✍️✍️

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