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अब मिल रही खबर देखो अख़बार में

अच्छा नहीं यों जीना…
-गए-हम-हुस्न-के-बाजार-में-अब-मिल-रही

लूट गए हम हुस्न के बाजार में अब मिल रही खबर देखो अख़बार में अच्छा नहीं यों जीना…

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लूट गए हम हुस्न के बाजार में
अब मिल रही खबर देखो अख़बार में

अच्छा नहीं यों जीना शराफत से
पता चला आज हमें इस आफत से

जख्म एक नहीं फिर भी सीने में दर्द
आँखें नींद नहीं चाहे कोई हमदर्द

तौबा यह क्या हम कर आये
आस है कोई हाल पूछने घर आये
#बज़्म #शायरांश #शायरी
#पगडण्डियाँ #शब्द_शाला https://t.co/5qtyOUVq4Y
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Source by वैष्णवी