You are currently viewing लहरों से डरके जो दरियाओ में नहीं उतरते हैं।
इसमें संदेह क्या वो दरिया पार नहीं उ…
लहरों-से-डरके-जो-दरियाओ-में-नहीं-उतरते-हैं।-इसमें

लहरों से डरके जो दरियाओ में नहीं उतरते हैं। इसमें संदेह क्या वो दरिया पार नहीं उ…

[ad_1]

लहरों से डरके जो दरियाओ में नहीं उतरते हैं।
इसमें संदेह क्या वो दरिया पार नहीं उतरते हैं।
जिन्दगी की रेस में जिसने चलना सीख़ लिया।
वे जिन्दगी रूपी दरिया में डूबकर नहीं मरते हैं।
#सूर्या_शायरी
#हिंदी_शब्द
#बज़्म
#बे_करा़र https://t.co/Sn0aYVui62
[ad_2]

Source by ☀️सूर्यप्रताप सिंह चौहान☀️

Leave a Reply