लड़ रहे है। खुद से कभी हार कभी जीत समज नही आता हो क्या रहा है । हम लड़ रहे है।…

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लड़ रहे है। खुद से
कभी हार कभी जीत
समज नही आता
हो क्या रहा है ।
हम लड़ रहे है। खुद से
खुद के लिए। एक तरफ
अम्रत और जहर है। दोनो एक से है।
दुसरी तरफ़ हम है।नही जानते हम
हमारे हाथ मे क्या आने वाला है।

#शायरी
#kavita
#FactsMatter
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Source by rakesh gameti