राज़ खोल देते हैं नाज़ुक से इशारे अक्सर, कितनी खामोश #मोहब्बत की जुबां होती है….

[ad_1]

राज़ खोल देते हैं नाज़ुक से इशारे अक्सर,

कितनी खामोश #मोहब्बत की जुबां होती है.!!

💕
#बज्म
#शायरी
[ad_2]

Source by मेरे अल्फ़ाज़

Leave a Reply