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मेरे अंदर ये कैसा जंग छीड़ा है ,
कभी शांत …
-मेरा-मन-ही-मेरे-विरुद्ध-खड़ा-है-मेरे

ये मेरा #मन ही मेरे विरुद्ध खड़ा है , मेरे अंदर ये कैसा जंग छीड़ा है , कभी शांत …

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ये मेरा #मन ही मेरे विरुद्ध खड़ा है ,
मेरे अंदर ये कैसा जंग छीड़ा है ,
कभी शांत कभी अशांत ,
कभी तनाव कभी खुशी ,
कभी व्याकुल कभी स्थिर ,
ये मेरे #मन भी ना जाने
कितने बदलाव से जुड़ा है …
✍️-Chahita
#शायरांश #बज़्म #हिंदी #हिंदी_शब्द #शायरी https://t.co/NK69iueu7C
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Source by Harshita Kumari_H@C/Silent Girl☺️

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