मैं इन्तजार करता रहूंगा, कफन ओढकर भी तुम्हारा, ये मत सोचना, मेरी आँखें बंद होँग…

[ad_1]

मैं इन्तजार करता रहूंगा, कफन ओढकर भी तुम्हारा, 😍
ये मत सोचना, मेरी आँखें 👁बंद होँगी,
किसी के दिल मे, मेरा दिल धड़क रहा होगा, वो जलने से पहले, मुझे सब कुछ बता देगा, तुम वफा थे या बेवफा।

बुरा मत मानना दोस्तों, शायरी का मुढ था।
[ad_2]

Source by कृष्ण कौशिक (प्रभारी हरियाणा)