मेरी शायरी मेरे तजुर्बे का इजहार है…, और कुछ नहीं…, सोचता हूँ कोई तो सम्भल …

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मेरी शायरी मेरे तजुर्बे का इजहार है…,
और कुछ नहीं…,

सोचता हूँ कोई तो सम्भल जाएगा…मुझे पढ़ने के बाद✍️✍️✍️

@Mahanaatma1
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Source by सौरभ सिंह राजपूत

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