मेरी दीवार को तू कितना सँभालेगा ‘शकील’ टूटता रहता हूँ हर गाम मिरे साथ न चल शकील…

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मेरी दीवार को तू कितना सँभालेगा ‘शकील’
टूटता रहता हूँ हर गाम मिरे साथ न चल
♟️ शकील आजमी
#उतमपंक्तिया #बज़्म ,#शायरी
#बज़्म_ए_शोअरा #बज़्म
#हिंदी_शब्द #शायरांश
#सोना #झंकार #संस्कार
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Source by Bhavesh Kumar

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