मेरी आँखों में रोशनी न हुई उस मिलकर कोइ खुशी न हुई हम समन्दर के दो किनारे …

मेरी आँखों में रोशनी न हुई
उस मिलकर कोइ खुशी न हुई

हम समन्दर के दो किनारे थे
उम्र भर हम में दोस्ती न हुइ

वो सुख़न उसकी ख़ामुशी ने किये
मुद्दतों हम से शायरी न हुइ

दोस्तों को संभाल कर रक्खा
दुश्मनों की कोइ कमी न हुइ

रात सबको जगा दिया मैंने
जब मेरे दर्द में कमी न हुई
मेरी आँखों में रोशनी न हुई
उस मिलकर कोइ खुशी न हुई

हम समन्दर के दो किनारे …

मेरी आँखों में रोशनी न हुई
उस मिलकर कोइ खुशी न हुई

हम समन्दर के दो किनारे थे
उम्र भर हम में दोस्ती न हुइ

वो सुख़न उसकी ख़ामुशी ने किये
मुद्दतों हम से शायरी न हुइ

दोस्तों को संभाल कर रक्खा
दुश्मनों की कोइ कमी न हुइ

रात सबको जगा दिया मैंने
जब मेरे दर्द में कमी न हुई
#मर #आख #म #रशन #न #हईउस #मलकर #कइ #खश #न #हईहम #समनदर #क #द #कनर

Twitter shayarish by Shakeel Jamali

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