मुफ़्त के सपने, उधार की ज़िंदगी , नगद के ग़म, किराये की बन्दगी, इंसां की ज़ीस्त …

मुफ़्त के सपने, उधार की ज़िंदगी ,
नगद के ग़म, किराये की बन्दगी,
इंसां की ज़ीस्त का सार बस इतना सा,
भीख मांगती मोहब्बत, खर्च होती रिन्दगी।

ज़ीस्त- ज़िन्दगी, रिन्दगी- पाप

#अतालिक #शायरी
मुफ़्त के सपने, उधार की ज़िंदगी ,
नगद के ग़म, किराये की बन्दगी,
इंसां की ज़ीस्त …

मुफ़्त के सपने, उधार की ज़िंदगी ,
नगद के ग़म, किराये की बन्दगी,
इंसां की ज़ीस्त का सार बस इतना सा,
भीख मांगती मोहब्बत, खर्च होती रिन्दगी।

ज़ीस्त- ज़िन्दगी, रिन्दगी- पाप

#अतालिक #शायरी
#मफत #क #सपन #उधर #क #जदग #नगद #क #गम #करय #क #बनदगइस #क #जसत

Twitter shayarish by अतालिक़

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