मुद्दतो तुम से ही मिलने को तरसते रहे। मुद्दतो आंसू तुम्हारी याद मे बरसते रहे।। #…

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मुद्दतो तुम से ही मिलने को तरसते रहे।
मुद्दतो आंसू तुम्हारी याद मे बरसते रहे।।
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Source by ☀️सूर्यप्रताप सिंह चौहान☀️

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