मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं, हैं मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं, …

मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,

हैं मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं,

हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,

ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।

#शायरी
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,

हैं मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं,

मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,

हैं मौसम की तरह लोग… बदल जाते हैं,

हम अभी तक हैं गिरफ्तार-ए-मोहब्बत यारों,

ठोकरें खा के सुना था कि संभल जाते हैं।

#शायरी
#मल #भ #जत #ह #त #कतर #क #नकल #जत #हह #मसम #क #तरह #लग #बदल #जत #ह

Twitter shayarish by Masihul Khan 🇵🇸

Leave a Reply