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काशी कबहु न छोड़िए विश्वनाथ का धाम ।। 
#शायरी…
-गंगा-मिले-जियते-लंगड़ा-आम-।-काशी-कबहु

मरते गंगा मिले , जियते लंगड़ा आम । काशी कबहु न छोड़िए विश्वनाथ का धाम ।। #शायरी…

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मरते गंगा मिले , जियते लंगड़ा आम ।
काशी कबहु न छोड़िए विश्वनाथ का धाम ।।
#शायरी #shayari https://t.co/rKNj9VkctS
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Source by Prabhat dubey

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