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जो जाम तेरे लबों से टपकते है,

बस चाह यही है कि इ…
-मे-जाकर-भी-नशा-नही-आता-जो-जाम-तेरे

मयखाने मे जाकर भी नशा नही आता, जो जाम तेरे लबों से टपकते है, बस चाह यही है कि इ…

मयखाने मे जाकर भी नशा नही आता,
जो जाम तेरे लबों से टपकते है,

बस चाह यही है कि इन्हें प्यालों मे उतार लूँ।।
✍️✍️Ranjeet ©2021

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मयखाने मे जाकर भी नशा नही आता,
जो जाम तेरे लबों से टपकते है,

बस चाह यही है कि इ…

मयखाने मे जाकर भी नशा नही आता,
जो जाम तेरे लबों से टपकते है,

बस चाह यही है कि इन्हें प्यालों मे उतार लूँ।।
✍️✍️Ranjeet ©2021

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