भाईसाहब को शायरी सूझ रही है । भाई मेरे कभी उन परिवारों के पास माइक लेकर जाओ जिन्…

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भाईसाहब को शायरी सूझ रही है ।
भाई मेरे कभी उन परिवारों के पास माइक लेकर जाओ जिन्होंने अपने परिजन को खोया है https://t.co/BGFd7s6Byi
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Source by Zeba Yasmeen

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