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आँखों में नींद थी मगर सोकर नहीं देखा,
वो क्या…
बरसों-गुजर-गए-हमने-रोकर-नहीं-देखा-आँखों-में-नींद

बरसों गुजर गए हमने रोकर नहीं देखा, आँखों में नींद थी मगर सोकर नहीं देखा, वो क्या…

बरसों गुजर गए हमने रोकर नहीं देखा,
आँखों में नींद थी मगर सोकर नहीं देखा,
वो क्या जाने दर्द-ए-मोहब्बत क्या है,
जिसने कभी किसी का होकर नहीं देखा।

@__fariii
#शायरी https://t.co/I6bBFr2VuS
बरसों गुजर गए हमने रोकर नहीं देखा,
आँखों में नींद थी मगर सोकर नहीं देखा,
वो क्या…

बरसों गुजर गए हमने रोकर नहीं देखा,
आँखों में नींद थी मगर सोकर नहीं देखा,
वो क्या जाने दर्द-ए-मोहब्बत क्या है,
जिसने कभी किसी का होकर नहीं देखा।

@__fariii
#शायरी https://t.co/I6bBFr2VuS
#बरस #गजर #गए #हमन #रकर #नह #दखआख #म #नद #थ #मगर #सकर #नह #दखव #कय

Twitter shayarish by Masihul Khan 🇵🇸

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