बदन की क़ैद से बाहर ठिकाना चाहता है अजीब दिल है कहीं और जाना चाहता है – मुजाहिद …

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बदन की क़ैद से बाहर ठिकाना चाहता है
अजीब दिल है कहीं और जाना चाहता है
– मुजाहिद फ़राज़
#शायरी
#दर्दएदिल
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Source by CA. Shubhankit Soni

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